Connect with us

बिजनेस

सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक गिरावट

Published

on

सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक गिरावट

सेंसेक्स, निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक गिरावट

मुंबई| देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में पिछले सप्ताह दो फीसदी से अधिक गिरावट रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2.36 फीसदी यानी 595.80 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 24,673.84 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 2.05 फीसदी यानी 157.85 अंकों की गिरावट के साथ 7,555.20 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 में से सात शेयरों में पिछले सप्ताह तेजी रही। ल्युपिन (5.14 फीसदी), भेल (4.75 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.23 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (1.87 फीसदी) और टाटा स्टील (1.43 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे अडाणी पोर्ट्स (9.80 फीसदी), मारुति सुजुकी (7.91 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (7.21 फीसदी), भारतीय स्टेट बैंक (6.44 फीसदी) और एक्सिस बैंक (6.24 फीसदी)।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.45 फीसदी या 48.06 अंकों की गिरावट के साथ 10,594.26 पर और स्मॉलकैप 0.23 फीसदी या 24.62 अंकों की तेजी के साथ 10,664.46 पर बंद हुआ।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार पांच अप्रैल को मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम द्विमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर दी। इस कटौती के साथ आरबीआई की रेपो दर 6.75 फीसदी से घटकर 6.50 फीसदी हो गई। वहीं बैंक ने रिवर्स रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर इसे 5.75 फीसदी से छह फीसदी कर दिया।

रेपो दर वह दर होती है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को लघु अवधि के लिए ऋण देता है। रिवर्स रेपो दर वह दर है, जो आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों से लघु अवधि के लिए ली जाने वाली राशि पर देता है।

आरबीआई ने नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को हालांकि चार फीसदी पर बरकरार रखा। सीआरआर का मतलब वह आनुपातिक राशि है, जो वाणिज्यिक बैंकों को कुल जमा के मुकाबले तरल कोष के रूप में अपने पास बरकरार रखना होता है। सीआरआर का दैनिक न्यूनतम संरक्षण हालांकि 95 फीसदी से घटाकर 90 फीसदी कर दिया गया है।

इसी प्रकार दो अप्रैल और उसके बाद से सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 21.25 फीसदी पर रखा गया है। एसएलआर का अर्थ यह है कि एक वाणिज्यिक बैंक को इतने मूल्य की निर्दिष्ट प्रतिभूतियां रखनी होती हैं।

आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने 2016-17 के लिए विकास दर का अनुमान 7.6 फीसदी पर बरकरार रखा है।

नेशनल

सुप्रीम कोर्ट ने होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करने के दिए निर्देश

Published

on

आम्रपाली के घर खरीदने वालों को खुश करने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करें।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा सौंपने में उनके हिस्से में किसी तरह की देरी हुई तो दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं से संबंधित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने बैंकों, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को अचल संपत्ति कंपनी में चल रही गड़बड़ी के लिए दोषपूर्ण ठहराया था।

आम्रपाली के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) रजिस्ट्रेशन को रद्द करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य द्वारा संचालित एनबीसीसी को आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहा है। इस बीच एनबीसीसी ने लंबित मकानों के निर्माण को पूरा करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये मांगे हैं। रॉयल गोल्फ को अदालत द्वारा 50 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया गया है जबकि बैंकों की याचिका पर कोई सुनवाई नहीं होगी।

होमबॉयरों ने पहले आम्रपाली ग्रुप की परियोजनाओं में बुक किए गए लगभग 42,000 फ्लैटों पर कब्जे की मांग करते हुए कई याचिकाएँ दायर की थीं। पिछले महीने, एससी ने प्रवर्तन निदेशालय को आम्रपाली ग्रुप के निदेशकों और प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने का भी निर्देश दिया था। आपको बता दें कि अदालत ने पहले सीएमडी और निदेशकों – शिव प्रिया और अजय कुमार की व्यक्तिगत संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending