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एनआईए दल पठानकोट मामले की पाकिस्तान जाकर करेगा जांच

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एनआईए दल, पठानकोट आतंकी हमला, पाकिस्तान जाकर करेगा जांच
एनआईए दल, पठानकोट आतंकी हमला, पाकिस्तान जाकर करेगा जांच

photo: ohmyindia.com

नई दिल्ली| भारतीय जांचकर्ताओं का एक दल पाकिस्तान जाकर जनवरी में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमलों की जांच करेगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह घोषणा भारत में पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल के दौरे के बाद की गई। पठानकोट हमले की जांच एनआईए कर रही है। इस हमले में एक नागरिक समेत 7 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। पाकिस्तान ने आए आतंकवादियों ने सीमा से घुसपैठ कर भारतीय वायु सेना अड्डे पर हमला किया था। सुरक्षाकर्मियों से उनकी मुठभेड़ 80 घंटों तक चली थी जिसमें सभी आतंकवादियों को मार गिराया गया।

एनआईए अब पाकिस्तान जाकर इस मामले की जांच करना चाहती है और हमले की योजना बनाने वाले संदिग्धों से पूछताछ करना चाहती है। इनमें पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के नेता भी शामिल हैं। एनआईए के निदेशक शरद कुमार ने कहा, “हमने उनसे कहा है कि हम एक जांच दल पाकिस्तान भेजना चाहते हैं और उन्होंने हमारे इस प्रस्ताव का स्वागत किया।” भारत आए पाकिस्तानी जांच दल ने पठानकोट वायु सेना अड्डे और उसके आसपास के इलाकों का दौरा किया था। इसके अलावा उन्होंने एनआईए के अधिकारियों के साथ गुप्त वार्ता की थी। इस दल में सेना, पुलिस और खुफिया विभाग (आईएसआई) के अधिकारी शामिल थे।

नेशनल

कोरोना वायरस से चीन में 9 की मौत, भारत में अलर्ट जारी

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बीजिंग। चीन में सार्स नाम के एक नए विषाणु से अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी हैं। शीर्ष नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे मामलों को दबाए नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस घातक बीमारी से लड़ने के लिये इसे अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य आपदा घोषित करने पर विचार विमर्श कर रहा है। वहीँ चीन में इससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 440 हो गई है।

भारत में अलर्ट

भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरपोर्ट्स को चीन से आने वाले यात्रियों की जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए सभी एयरपोर्ट्स को तुरंत लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिन यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है उसमें हांगकांग से भारत पहुंचने वाले यात्री भी मौजूद हैं।

सालों तक जिंदा रह सकता है ये वायरस

इस वायरस की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका वायरस कुछ माह से लेकर वर्षों तक भी जिंदा रह सकता है। इतना ही नहीं तापमान के अधिक गिरने पर भी यह वायरस जिंदा रह सकता है। इसके हवा में तेजी से फैलने की जानकारी भी कुछ जगहों पर सामने आई है। मल में इसका वायरस तलाशा जा चुका है और उस माहौल में यह करीब चार दिनों तक जिंदा रह सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो यह वायरस से ग्रसित रोगी के ठीक होने के बाद भी यह वायरस दोबारा हमला कर सकता है। इसके मुताबिक इस वायरस के संपर्क में आने के दो से दस दिनों के बाद व्‍यक्ति पर इसका असर दिखाई देने लगता है।

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