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कांग्रेस के आरोपों पर रामदेव का पलटवार

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उत्तराखंड का वर्तमान सियासी संकट, योगगुरु स्वामी रामदेव और अमित शाह ने की सरकार गिराने की साजिश

उत्तराखंड का वर्तमान सियासी संकट, योगगुरु स्वामी रामदेव और अमित शाह ने की सरकार गिराने की साजिश

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे वर्तमान सियासी संकट के बीच कांगे्रस की ओर से योगगुरु स्वामी रामदेव पर बागी विधायकों को उकसाने के आरोपों का खंडन करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि प्रदेश के मौजूदा सियासी हालात के लिए उनकी बजाय राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने अखबारों में पढ़ा कि रामदेव और अमित शाह ने मिलकर उत्तराखंड सरकार को गिराने की साजिश रची है। योगगुरु ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी किसी कांग्रेसी विधायक या पार्टी कार्यकर्ता से इस बारे में कोई बात नहीं की। हम जो भी करते हैं खुलकर करते हैं पीठ पीछे कुछ नहीं करते।

उत्तराखंड का सियासी संकट

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कल यह आरोप लगाकर कहकर सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी कि योग गुरू और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक साथ मिलकर राज्य सरकार को गिराने की साजिश रची और कांग्रेस विधायकों द्वारा हरीश रावत सरकार के खिलाफ बगावत इसी का नतीजा है। अपने आरोप के समर्थन में पुख्ता सबूत होने का दावा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘रामदेव कांग्रेस के बागी विधायकों के संपर्क में थे और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ साजिश रचने में भाजपा अध्यक्ष के अलावा वह भी एक अहम व्यक्ति थे। राज्य सरकार के खिलाफ बगावत करवाने और उसे गिराने का प्रयास करने में बाबा रामदेव ने एक भाजपा एजेंट के तौर पर काम किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य विधानसभा में 18 मार्च को सामने आयी इस बगावत से पहले से ही बाबा रामदेव बागी विधायकों के संपर्क में थे।

हांलांकि, इस संबंध में कुछ समाचार पत्रों में छपी खबरों के आधार पर रामदेव ने कहा कि राज्य में जारी राजनीतिक संकट में उनका नाम बेवजह घसीटा जा रहा है जबकि उनका इससे कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘इस मामले में हमारी कोई भूमिका नहीं है। कांगे्रस को अपना कुनबा संभालना सीखना चाहिए। राजनीतिक घटनाओं के लिये राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिये।’ रामदेव के इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने कहा कि योग गुरू चाहे जो भी स्पष्टीकरण दें, वह उत्तराखंड में राजनीतिक संकट में अपनी भूमिका के आरोप से छूट नहीं सकते।

जोशी ने कहा, ‘योग गुरू का उत्तराखंड में करीब 2000 करोड रुपये का कारोबारी साम्राज्य है और उनके ट्रस्ट के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है। उन्हें राज्य सरकार से कई बदले लेने हैं। रामदेव और शीर्ष भाजपा नेतृत्व की इस राजनीतिक संकट में भूमिका सीधी है।’ गौरतलब है कि विजय बहुगुणा कार्यकाल के समय में रामदेव के पतंजलि ट्रस्ट के खिलाफ जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम तथा भारतीय स्टैंप एक्ट के तहत करीब 81 मामले दर्ज किये गये थे।

प्रादेशिक

स्वाति सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रियंका गांधी ने साधा योगी सरकार पर निशाना

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घोटालेबाज बिल्डर को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी को धमकाने वाली उत्तर प्रदेश की मंत्री स्वाति सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर योगी सरकार की आलोचना की है।

प्रियंका ने रविवार को ट्वीट कर कहा, “यूपी में भाजपा सरकार की मंत्री बोलती हैं कि ऊपर से आदेश है, घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। ये ‘ऊपर’ कौन है जो चाहता कि घोटालेबाजों पर कार्रवाई न हो। डीएचएफएल-पीएफ घोटाला, सिडको-पीएफ, होमगार्ड वेतन घोटाला, एलडीए घोटाला। इन सारे घोटालों में बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।”

गौरतलब है कि एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री स्वाति सिंह को तलब किया। इस ऑडियो क्लिप में उन्हें एक पुलिस अधिकारी को धमकाते हुए सुना जा सकता है। वह एक बिल्डर के खिलाफ चल रहा मामला वापस लेने को कह रही हैं।

अंसल ग्रुप का बिल्डर पहले से ही धोखाधड़ी के एक मामले में शामिल है और इसी के पक्ष में मंत्री कैंट थाने के सर्कल ऑफिसर बीनू सिंह पर केस वापस लेने का दबाव बना रही थीं।

29 सितंबर को रियल एस्टेट ग्रुप अंसल एपीआई के वाइस-चेयरमैन प्रणव अंसल जब आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित मामलों के सिलसिले में लंदन जाने वाले थे, तभी उन्हें दिल्ली हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया था। बाद में अंसल को लखनऊ लाया गया और जेल भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों को योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधने का इसके चलते मौका मिल गया। स्वाति सिंह ने इस प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और उनसे प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने वाले पत्रकारों को भी फटकार लगाई।

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