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घर वापसी मोदी के विकास एजेंडे में सहायक : विहिप

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नई दिल्ली| विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र जैन कहते हैं कि बुर्का पहनने वाली लड़कियां जिन्हें सीमित शिक्षा उपलब्ध है तथा वैसे लड़के जो मदरसा में आतंकवादी बनते हैं, उन्हें हिंदू बन जाने पर ‘घर वापसी’ कार्यक्रम से लाभ मिलेगा। घर वापसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय विकास के एजेंडे का एक अनुपूरक बताते हुए जैन ने कहा कि मुस्लिम लड़के अगर घर वापसी कार्यक्रम के जरिए हिंदू धर्म अपनाएंगे तो वह देशभक्त बन जाएंगे। हरियाणा के रोहतक कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापक जैन ने यहां कहा, “घर वापसी मोदी के विकास एजेंडे को सकारात्मक रूप में प्रभावित करेगा। मुस्लिम लड़कियां जिन्हें शिक्षा नहीं मिली और बुर्का पहनती हैं, जब वे हिंदू बनेंगी और शिक्षित होंगी, वे देश के विकास में योगदान देंगी।”

उन्होंने कहा कि मदरसा में आतंकवादी बनने वाले मुस्लिम हिंदू बनने के बाद देश भक्त बन जाएंगे और देश के विकास में योगदान देंगे, जिसके कारण केंद्र सरकार को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। जैन ने कहा कि 1964 से विहिप के गठन के बाद घर वापसी इसके सामाजिक सेवा कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा रहा है। हिंदू धर्म से निकल कर अन्य धर्म अपनाने वालों के दोबारा हिंदू धर्म अपनाने से संबंधित घर वापसी कार्यक्रम को जैन वैध ठहराते हैं। जैन ने कहा, “भारत में मौजूद करीब 90-95 फीसदी ईसाई और मुस्लिम मुख्यत: हिंदू थे, क्योंकि उनके पुरखे या उनका जबरन या लालच देकर धर्मातरण कराया गया। हम अब उन्हें सिर्फ उनकी जड़ और जमीन से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”

फतेहपुर जिले में विहिप के साल भर चलने वाले स्वर्ण जयंती के जश्न को लेकर 14 जनवरी से 16 फरवरी तक घर वापसी के कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। पिछले सप्ताह गुजरात में 200 जनजाति ईसाइयों को रीति-रिवाज के साथ हिंदू धर्म में परिवर्तित किया गया। केरल और पूर्वी उत्तर प्रदेश से भी ऐसी ही खबरें आ रही हैं, जहां 100 मुस्लिम परिवारों का धर्मातरण कराया गया। जैन ने कहा, “विहिप घर वापसी किसी भी तरह के दबाव या लालच में नहीं करा रहा। इसके विपरीत इस्लामिक संगठन जिसे खाड़ी के देशों से पैसे मिलते हैं, और ईसाई मिशीनरीज जिसे यूरोप और अमेरिका से समर्थन मिलता है, उसके विपरीत हम किसी को प्रलोभन नहीं दे रहे, क्योंकि न तो हमारे पास पैसा और ताकत है। फिर ऐसी सेवा किस प्रकार गलत और अवैध हो सकती है।”

उन्होंने कहा, “घर वापसी वैध है। आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में धर्मातरण विरोधी कानून मौजूद हैं।” जैन ने कहा कि घर वापसी कार्यक्रम उस वक्त भी होते थे, जब जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की केंद्र में सरकार थी। उन्होंने कहा, “अब इस मुद्दे को क्यों उठाया जा रहा है?” उन्होंने धर्मातरण के मुद्दे पर मोदी के इस्तीफे देने की धमकी की अफवाह को आधारहीन करार देते हुए कहा कि घर वापसी प्रधानमंत्री के सलाह मशविरे पर कभी आयोजित नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जो भविष्य में भी जारी रहेगी।”

प्रादेशिक

प्रदेश में अब तक 12,19,409 कोविड मरीज संक्रमणमुक्त हो चुके हैंः नवनीत सहगल

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लखनऊ। अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’ नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश में विगत 24 घण्टे में प्रदेश में 26,847 नये मामले आये हैं तथा 34,731 कोविड मरीज संक्रमणमुक्त हुए हैं। प्रदेश में अब तक 12,19,409 कोविड मरीज संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 2,45,736 है, जो 01 मई के कुल एक्टिव केस 3,01,833 से 60,000 कम है। विगत 24 घण्टे में प्रदेश में 2,23,155 कोविड-19 के टेस्ट किये गये हैं तथा अब तक 4,27,24,205 कोविड-19 के टेस्ट किये जा चुके हैं। जनपदों से आज लगभग 84,000 सैम्पल आरटीपीसीआर के लिए भेजे गये हैं। उन्होंने बताया कि 1,93,426 कोविड मरीज होम आइसोलेशन में हैं तथा 8,759 कोविड मरीज निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। प्रदेश में अब तक सर्विलांस टीम के माध्यम से 3,44,35,246 घरों के 16,60,02,220 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 से 44 वर्ष वाले लोगों के साथ-साथ 45 वर्ष से अधिक आयु वालों का वैक्सीनेशन चल रहा है।

अब तक 1,08,55,900 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई तथा पहली डोज वाले लोगों में से 27,31,279 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई। इस प्रकार कुल 1,35,87,179 वैक्सीन की डोज लगायी जा चुकी है। प्रदेश में 18 से 44 वर्ष वाले लोगों को कल 15,966 तथा अब तक 1,01,923 लोगों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि कोविड प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए अब वैक्सीनेशन सभी आयु वर्गों के लिए आॅनलाइन पंजीकरण आवश्यक कर दिया गया है। सोमवार से प्रदेश के सभी 18 नगर निगमों तथा गौतमबुद्धनगर में भी 18-44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण प्रारम्भ हो जायेगा।
श्री सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा मुरादाबाद तथा बरेली जनपदों का भ्रमण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा मुरादाबाद में इन्ट्रीग्रेटेड कण्ट्रोल कमाण्ड सेन्टर का निरीक्षण किया गया है। मुख्यमंत्री जी द्वारा कोविड के सम्बंध में जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की गयी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश में चलाये जा रहे सर्विलांस के कार्य को स्वयं देखने के लिए मुरादाबाद के गांव में भी गये।
श्री सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने हेतु एग्रेसिव टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि सर्विलान्स के माध्यम से घर घर जा कर लोगों से कोविड के लक्षणों की जानकारी ली जा रही है। सर्विलान्स के माध्यम से अब तक 16.60 करोड़ लोगों तक पहुच कर उनका हाल-चाल जाना गया है। उन्होंने बताया कि सर्विलान्स के साथ-साथ 97 हजार राजस्व गावों में लोगों से सम्पर्क करते हुए कोविड लक्षणयुक्त लोगों की पहचान कर उनका कोविड टेस्ट तथा उन्हें मेडिकल किट प्रदान की जा रही है। गांव में निगरानी समिति के द्वारा गांव में रहने वाले लोगों से सम्पर्क कर कोविड लक्षणों की जानकारी ली जा रही है। कोविड लक्षण मिलने वाले लोगों की आरआरटी टीम द्वारा एन्टीजन कोविड टेस्ट किया जा रहा है।

कल 48,63,298 घरों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। जिनमें 68,900 लोगों में कोविड के लक्षण पाये गये। इन सभी लोगों के कोविड टेस्ट कराने पर 1210 लोग कोविड संक्रमित पाये गये।
श्री सहगल ने बताया कि एग्रेसिव टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की नीति के कारण एक सप्ताह में कुल एक्टिव केसों में 60 हजार की कमी आयी है, जो प्रदेश के लिए उत्साहवर्द्धन है। इसके साथ-साथ प्रदेश के 24 घण्टे के कोविड मामलों में कोविड से ठीक होने वालों की संख्या अधिक चल रही है। उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर के टेस्ट अधिक से अधिक किये जा रहे हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या और बढ़ाने के लिए 14 नई मशीने भी क्रय की गयी हैं। इसके साथ-साथ जनपदों द्वारा भेजे जाने वाले आरटीपीसीआर के सैम्पलों के लक्ष्य को भी बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक टेस्ट करते हुए कोविड संक्रमित लोगों को पहचान कर उनका इलाज किया जा रहा है।
श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां तेजी से चलायी जा रही हैं। लगभग 08 लाख से अधिक पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा मजदूरों को काम दिया जा रहा है। इन औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क बनाये गये हंै। इसके अलावा जिन औद्योगिक संस्थानों में 50 से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे ऐसे औद्योगिक संस्थानों में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। जिससे वहां पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय से इलाज मिल सके।
श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल को खरीदे जाने की प्रक्रिया कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए तेजी से चल रही है। 01 अप्रैल से 15 जून, 2021 तक गेहू खरीद का अभियान जारी रहेगा। गेहू क्रय अभियान में अब तक 1873429.29 मी0 टन गेहूं खरीदा गया है।
श्री सहगल ने लोगों से अपील की है कि मास्क का प्रयोग करे, सैनेटाइजर व साबुन से हाथ धोते रहे तथा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

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