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 इस मुस्लिम महिला ने बनाया शिव मंदिर, रोज करती है जलाभिषेक 

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बनारस, नूर फातिमा, शिव मंदिर, भोले बाबा

बनारस। बाबा की पावन नगरी बनारस में एक मुस्लिम महिला ने कुछ ऐसा किया कि जिससे सबकी आंखें खुली की खुली रह गई। जी हां, नूरफातिमा नामक महिला ने बनारस में शिव मंदिर बनवाया हैं। फातिमा पांच वक्त की नमाज तो अदा करती ही है लेकिन जलाभिषेक भी करना नहीं भूलती।

गणेशपुर इलाके में स्थित यह  विशाल रुद्रेश्वर महादेव मंदिर कोई आम मंदिर नहीं बल्कि दो सम्प्रदायों के सौहार्द की इमारत भी है। सड़क के किनारे बना ये शिव मंदिर दो सम्प्रदायों के सौहार्द का वो मिलन है जो वाराणसी में पिछले 12 सालों से मिसाल बना हुआ है। वैसे तो बनारस की गली-गली में शिव मंदिर हैं, लेकिन ये शिव मंदिर इसलिए ख़ास है क्योंकि इसे बनाने वाला कोई हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम हैं।

बता दें कि 2004 में बना यह मंदिर वाराणसी की रहने वाली नूर फातिमा ने अपने घर के पास खाली जमीन पर बनवा कर इसे सार्वजनिक किया ताकि लोग यहां आकर दर्शन कर सकें।

फातिमा पेशे से वकील और अपनी दिन की शुरूआत पांच वक्त की नमाज और भगवान शंकर को जल चढ़ाने के साथ ही करती हैं।  क्रिमिनल लॉयर फातिमा वाराणसी के ही न्यायालय में फौजदारी मामलों की वकालत करती हैं। फातिमा 20 सालों से वाराणसी में वकालत कर रही हैं। महादेव के इस मंदिर को 13 साल पहले बनाया गया था।

 

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पृथ्वी का कब होगा अंत? पता लगाने में जुटे वैज्ञानिक

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नई दिल्ली। दुनियाभर में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं, ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का बढ़ता जलस्तर, वायरस के कारण फैल रही महामारियों के कारण एक दिन इस दुनिया का अंत होना तय है। क्या इंसानी नस्ल इस विनाश से बच पायेगी। इन सब बातों का पता लगाने के लिए नासा के वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं।

द सन की रिर्पोट के मुताबिक, नासा के द्वारा शुरू किया गया एक नया मिशन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सवाल का जवाब ढूंढ़ सकता हैं। नासा का यह शोध शुक्र ग्रह से जुड़ा हुआ हैं।

साइंस फोकस की रिर्पोट के मुताबिक, शुक्र ग्रह कभी धरती की तरह हुआ करता होगा। विशेषज्ञों की माने तो शुक्र ग्रह का ड्यूटेरियम-हाइड्रोजन रेशियो धरती की तुलना में 100 गुना अधिक हैं।

इसके पीछे की वजह ये मानी जा रही हैं कि शुक्र ग्रह पर पानी रहा होगा, जो अब गायब हो चुका हैं। शुक्र ग्रह से जुड़ी एसी गुत्थियों को सुलझाने के लिये नासा कुछ साल बाद 2028 से 2030 के बीच अपना DAVINCI+Veritas Probes रवाना करेगा। शुक्र ग्रह से जुड़े सभी सिद्धांतो का अध्ययन कर धरती के अंत के समय का अनुमान लगाया जा सकेगा।

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