भगवान् के सदा असंख्य‍ अवतार होते रहते हैं

अनेक वेद मंत्रों में श्रीकृष्‍ण को ही परब्रह्म माना है। शंकर ने भी अनेक स्‍थलों पर श्रीकृष्‍ण को भगवान् ही

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