अवैध है मछुआरों की हत्या के बाद समझौता

अवैध है मछुआरों की हत्या के बाद समझौता

नई दिल्ली। इतालवी नौसैनिकों द्वारा दो मछुआरों की हत्या के बाद इटली सरकार के उनके परिजनों के साथ समझौते को उच्चतम न्यायालय ने अवैध और आश्चर्यजनक करार दिया है। न्यायालय ने कहा कि वे भारतीय कानून व्यवस्था से खेल रहे हैं और केरल को इस बारे में आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी।

न्यायमूर्ति आर एम लोढा और न्यायमूर्ति एच एल गोखले की पीठ ने कहा कि इतालवी सरकार ने दोनों पीड़ितों - जेलस्टाइन और बिंकी के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का भुगतान कर उनके मुंह पर ताला जड़ दिया और भारतीय कानून व्यवस्था को हरा दिया।

पीठ ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि दोनों पक्षों के बीच सुलह को लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसने आदेश जारी कर पीड़ित मछुआरों के परिजनों को एक एक करोड़ रुपये और नौका के मालिक को 17 लाख रुपये देने का निर्देश दिया। हमें आश्चर्य हुआ कि ऐसा नौसैनिक वाद में किया गया। राज्य सरकार को आपत्ति जतानी चाहिए थी।

शीर्ष न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ जहाज को छोड़ने के सवाल पर भी इतालवी सरकार से जवाब मांगा । जहाज के मालिक ने दावा किया था कि उनकी हिरासत से कंपनी को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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