ये वादियॉ ये फिजा़ऍ बुला रहीं हैं हमें...

ये वादियॉ ये फिजा़ऍ बुला रहीं हैं हमें...

ये वादियॉ ये फिजा़ऍ बुला रहीं हैं हमें... ये गीत पारो वैली पर पूर्णत: फिट बैठता है।

खुला हुआ नीला आसमान, ऊंची-ऊंची पहाडियॉ, गहरी घाटी और उसके बीच बहती हुई नदी साथ ही चारों ओर हरियाली। ये विहंगम दृश्य किस का मन नहीं मोह लेगा।

जी हॉ कुछ ऐसा ही दृश्य है भूटान के एक बेहद ही खूबसूरत पयर्टक स्थल पारो वैली का है।

पारो वैली न केवल एक खूबसूरत पर्यटन स्थल बल्कि एक ऐतिहासिक स्थल भी है। पारो वैली के समीपवर्ती राज्य तिब्बत से काफी सम्बन्धित रहा है। मतलब तिब्बत की कई इमारतों के निर्माण में पारो वैली का अहम् योगदान रहा है और ये इमारतें आज भी न केवल पारो वैली और तिब्बत के लिए बल्कि सम्पूर्ण देश के लिए असीम सॉस्कृतिक मूल्यता रखते हैं।

पारो वैली में कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जो चाहकर भी हम भूल नहीं सकते। जैसे फोबजिका ग्लेसियर। पर सरकार ने फोबजिका ग्लेसियर को प्रोटेक्टेड एरिया घोषित कर दिया है ताकि यहॉ गंदगी न फैल सके।

रिनपंग जॉ़गं पारो वैली का एक ऐसा कस्बा है जो अपने सुरुचिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण बनावट के लिए प्रसिद्ध है। सभी प्रकार के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम इसी कस्बे द्वारा संचालित किए जाते हैं।

ता जॉ़गं पारो वैली के हिल साइड में बसा भूटान का नेशनल म्यूजियम है। यह म्यूजियम अपने अनमोल वस्तुओं के संग्रह के लिए विख्यात है। यह रिनपंग जॉ़गं कस्बे के पडो़स में बसा हुआ है।

तक्त्संग आश्रम पारो वैली में बसा वही आश्रम है जहॉ स्वामी रिम्पोञ्च ने कई सालों पहले तपस्या की थी। इसी आश्रम में एक कैफेटेरिया भी है।

द्रुगुएल जॉ़गं पारो वैली का सबसे उत्तरी भाग है जो अत्यंत ही मनोरम है।

इसके अलावा पारो वैली में और भी कई जगहें हैं जहॉ की खूबसूरती हमें अपनी ओर खींचती है। पारो वैली निश्चित रूप से भारत की सबसे मनमोहक जगहों में से एक है।

रजनीश तिवारी (लेखक एमिटी के छात्र है

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