बजट सत्र: डाकघर स्कीमों पर बढ़ सकता है ब्याज

बजट सत्र: डाकघर स्कीमों पर बढ़ सकता है ब्याज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार डाकघर की छोटी बचत स्कीमों पर फिर ब्याज दर बढ़ाने की तैयारी में है। पहली अप्रैल से डाकघर बचत खातों, मासिक आय योजना [एमआइएस] और लोक भविष्य निधि [पीपीएफ] पर चौथाई फीसद अतिरिक्त ब्याज की पेशकश की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, ब्याज दरों में बदलाव के बारे में सर्कुलर 28 मार्च को जारी होने की संभावना है।

सरकार ने दिसंबर, 2011 में डाकघर बचत खातों पर ब्याज दर को 3.5 से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया था। इसी तरह एमआइएस और पीपीएफ पर ब्याज दरें क्रमश: 8.2 और 8.6 फीसद तय की गई थीं। दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों के अनुरूप किया गया था। समिति ने सुझाव दिया था कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को बाजार से जोड़ा जाए। साथ ही इन दरों में सालाना आधार पर बदलाव किया जाए।

इस संशोधन का मकसद छोटी बचत स्कीमों को बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट [एफडी] की तरह आकर्षक बनाए रखना है।

समिति की सिफारिशों के आधार पर ही सरकार ने एनएससी में लंबी अवधि के फंड खींचने के लिए इसकी परिपक्वता अवधि 10 साल कर दी। साथ ही पीपीएफ में सालाना निवेश सीमा को भी 70,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया।

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