अंटार्कटिका से टूटा दिल्ली से चार गुना बड़ा हिमखंड, मुसीबतों में होगा इजाफा

लंदन। अंटार्कटिका से अब तक का सबसे बड़ा हिमखंड टूट कर अलग हो गया है। इसका आकार 5,800 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत की राजधानी दिल्ली के आकार से 4 गुना, गोवा से डेढ़ गुना और अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से सात गुना बड़ा है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि खरबों टन वजन वाला यह हिमखंड दक्षिणी ध्रुव के आसपास से गुजरने वाले पोतों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। एक बड़ा हिस्सा टूटने से लार्सन सी आइस शेल्फ का आकार 12 फीसदी घट गया है।

वैज्ञानिकों की मानें तो इस हिमखंड के अलग हो जाने से वैश्विक समुद्री स्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हो जाएगी। ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे के मुताबिक यह हिमखंड 10 और 12 जुलाई के बीच टूटकर अलग हुआ है। इस हिमखंड का नाम ए-68 रखा जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने इस हिमखंड के अलग होने के पीछे कार्बन उत्सर्जन को सबसे बड़ी वजह बताया है। भारत पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। समुद्री स्तर में बढ़ोतरी होने से अंडमान-निकोबार के कई टापू और बंगाल की खाड़ी में सुंदरवन के हिस्से डूब सकते हैं। हालांकि, अरब सागर की तरफ इसका असर कम होगा लेकिन यह लंबे समय में दिखेगा।

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