सरकार लोकसभा में विधेयक जबरन पारित करा रही : कांग्रेस

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                 Mallikarjun Kharge

नई दिल्ली  | कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर अपनी संख्या के बल पर लोकसभा में विधेयकों को जबरन पारित कराने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि स्थिति अघोषित आपातकाल वाली है। लोकसभा से कर निर्धारण कानून (दूसरा संशोधन) विधेयक 2016 यानी कराधान कानून (दूसरा संशोधन) विधेयक 2016 के लोकसभा से पारित होने के बाद संसद भवन के बाहर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडियाकर्मियों से कहा कि यह विधेय बगैर किसी बहस के एक पल में पारित हो गया।

इस विधेयक के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो काला धन की घोषणा करता है, उसे 60 प्रतिशत कर देना होगा। इसके अलावा उसे कर का 25 प्रतिशत अतिरिक्त अधिशुल्क देना होगा, जो इस तरह की कुल राशि का 15 प्रतिशत बैठता है। इसके परिणाम स्वरूप कुल कर राशि करीब 75 प्रतिशत हो जाएगी।

खड़गे ने कहा, “सरकार विधेयकों को पारित करने के लोकतांत्रित तरीके का पालन नहीं कर रही है। चूंकि सदन में सरकार के पास बहुमत है, इसलिए वे लोग हर विधेयक को नियमों को ताक पर रखकर पारित कराना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “मात्र 10 मिनट में उन लोगों ने इतना महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर लिया। यह एक अघोषित आपातकाल है और वे लोग तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं।”

कांग्रेस नेता ने संसद को सर्वोच्च बताया और कहा कि पारित करने के पहले किसी भी विधेयक पर इसके सदस्यों को विचार-विमर्श करने का अधिकार है।

लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि सदन में पहले नोटबंदी को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत बहस होनी चाहिए। इसके बाद विधेयक पर चर्चा होनी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय ने सुझाव भी दिया कि बहस और विधेयक को एक साथ जोड़ा जा सकता है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह संभव नहीं है।

विपक्षी सदस्य विरोध प्रदर्शन करते रहे। इस हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने विधेयक को वोटिंग के लिए पेश कर दिया और यह ध्वनिमत से पारित हो गया।

 

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