संवाद ही जनतंत्र की आत्मा है : राम नाईक

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                     राम नाईक

लखनऊ  | उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने  कहा कि संवाद जनतंत्र की आत्मा है। दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में अपना ही आनंद है और ऐसा संवाद जब संगठन के माध्यम से होता है, तो उसका अधिक लाभ मिलता है

और हर तरह की समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया हाल में गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के 60वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

इस मौके पर 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाले संगठन के आजीवन सदस्यों को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि जो लोग सेवा में हैं उन्हें यह मानना चाहिए कि सेवा का काल जन पीड़ा को दूर करने के लिए होता है। अपनी सेवा के माध्यम से अपने दायित्व के प्रति न्याय करें। सेवानिवृत्तों का संगठन सेतु की तरह काम करे।

इस मौके पर पूर्व न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ ने कहा कि सेवानिवृत्त लोगों के लिए व्यस्त रहना ही सबसे बड़ा मंत्र है। अपने कार्यक्षेत्र को विस्तृत करें।

उनका कहना है कि प्रशासन सेवानिवृत्त लोगों की पीड़ा को समझे।

 

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