पुराने वाहन जब्त करें, रखने की जगह तलाशें : एनजीटी

NGTनई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने सोमवार को एक बार फिर से केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को जल्दी से एक कबाड़ नीति बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही दिल्ली सरकार को खराब और जब्त किए गए चार पहिया वाहनों को रखने के लिए स्थान तलाशने को कहा है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार को पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को उन वाहनों को रखने के लिए भू-क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक बैठक बुलाने का निर्देश दिया, जिन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चलाने की इजाजत नहीं है या जब्त कर लिया गया है।

पीठ ने इसकी भी याद दिलाई कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस जिन्हें पुराने वाहन जब्त करने हैं, वे अभी केवल दंड लगा रहे हैं। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को एनसीआर के 15 साल से पुराने सभी चार पहिया वाहनों और 10 साल से पुराने सभी डीजल वाहनों को पर्यावरण रक्षा कानून के तहत जब्त करने को कहा था।

पीठ ने कहा कि मंत्रालय को पुराने वाहनों को खत्म करने और पुराने वाहनों को छोडऩे वाले उनके मालिकों को लाभ देने के लिए नीति बनाने के लिए कहे एक साल से अधिक समय हो गया है। पीठ ने भारी उद्योग मंत्रालय से कहा, आपने हमारे सामने भारी भरकम दावे किए थे कि आप वाहनों को तोडऩे के लिए लाभ देने जा रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं किया।

मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत चल रही है और इस नीति पर काम हो रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने राज्यों से वाहनों को तोडऩे की नीति पर राय मांगी गई थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया। एनजीटी ने इस वर्ष जुलाई में डीजल को प्रदूषण का प्रमुख कारण माना था और एनसीआर में चल रहे सभी पुराने डीजल वाहनों का पंजीयन तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बावजूद पुराने वाहनों का चलना जारी है।

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