भारत ने चीन की करतूत पर दिया करारा जवाब, जानिए कैसे

नई दिल्ली। चीन के अरूणाचल प्रदेश में छह स्थानों का नाम बदलने पर भारत ने करारा जवाब देते हुए कहा कि पड़ोसी देश के स्थानों का नाम बदल देने से अवैध कब्जा वैध नहीं हो जाता है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को इस मुद्दे पर कहा कि अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।

चीन ने बुधवार को घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर राज्य में छह स्थानों के उसने ‘‘मानकीकृत’’ आधिकारिक नाम रखे हैं। उसने अपनी इस करतूत को को ‘‘वैध कार्रवाई’’ बताया था।

चीन ने सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश में दलाई लामा के दौरे का भारत से कड़ा विरोध जताने के कुछ दिनों बाद यह हरकत की है। सरकारी मीडिया ने यहां कहा कि इस कदम का उद्देश्य अरूणाचल प्रदेश पर चीन के दावे की पुष्टि करना है। चीन अरूणाचल प्रदेश को ‘दक्षिणी तिब्बत’ बताता है।

सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने बुधवार को कहा, ‘‘चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने केंद्रीय सरकार के नियमों के अनुरूप 14 अप्रैल को ‘दक्षिण तिब्बत’ की 6 जगहों के नाम चीनी, तिब्बती और रोमन वर्णों में मानकीकृत कर दिये हैं, जिन्हें भारत ‘अरूणाचल प्रदेश’ कहता है।’’

रोमन वर्णों का इस्तेमाल करते हुये इन 6 जगहों का आधिकारिक नाम वोग्यैनलिंग, मिला री, क्वाइदेनगाबरे री, मेनक्यूका, बूमो ला और नामाकापुब री रखा गया है।

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