भगोड़े माल्या पर कसेगा शिकंजा, प्रत्यपर्ण पर ब्रिटेन की मंजूरी

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक जिला अदालत के न्यायाधीश शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर फैसला करेंगे, जिसके प्रत्यपर्ण की भारत ने मांग की है। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

भारत ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए पिछले महीने ब्रिटिश उच्चायोग को एक औपचारिक अनुरोध सौंपा था। जिसके बाद माल्या के प्रत्यर्पण की मांग को स्वीकार करते हुए ब्रिटिश सरकार ने उसे अदालत को भेज दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा, “ब्रिटिश उच्चायोग को माल्या के संबंध में एक औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध सौंप दिया गया था।” ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि इस अनुरोध को विदेश सचिव ने वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट को भेज दिया है। जिला न्यायाधीश आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने पर सुनवाई करेंगे।

माल्या ने 2 मार्च, 2016 को भारत छोड़ दिया था और तब से लंदन में हैं। 17 बैंकों के संघ ने माल्य से 9.081 करोड़ रुपये की बकाया वसूली के लिए जुलाई 2013 में अदालत में याचिका दायर किया था। यह कर्ज माल्या की डूब चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया था।

माल्या ने बकायों का एक बार में निपटान के लिए बैंकों के साथ बातचीत करने की पेशकश की है और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग की है। बैंकों ने पहले ही माल्या की साल 2016 के अप्रैल में कुल 9,081 करोड़ की बकाया राशि की बजाए 6,868 करोड़ रुपये लौटा कर मामला सुलझाने का प्रस्ताव दिया था।

loading...
loading...