नोटबंदी के बाद आज से शुरू हो रहा सैलरी वीक, सरकार सजग लेकिन कई सवाल सामने

Bank salaryनई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आठ नवंबर की रात नोटबंदी का बड़ा फैसला लिया, जिससे यह पूरा महीना आम आदमी के लिए चुनौतियों से भरा रहा। अब दिसंबर दस्तक दे रहा है और नोटबंदी के बाद पहला सैलरी डे आ रहा है। देशभर में नौकरी-पेशा लोगों को अमूमन एक से आठ के बीच सैलरी मिलती है।

देश में लाखों लोग ऐेसे हैं जिन्हें सैलरी नकद में मिलती है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या लोगों को सैलरी देने के लिए इस वक्त सिस्टम में पर्याप्त कैश है? खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर में जहां पर बहुत बड़े तबके को कैश ही मिलता है। दूसरा जिन्हें चेक या अकाउंट में सैलरी मिल भी जाएगी क्या वो उसे निकाल पाएंगे। अगर सैलरी बैंक में आती है और 24 हजार से कम वेतन है तो आप पूरी सैलरी एक साथ निकाल सकते हैं। पर सैलरी इससे ज्यादा है तो एक बार में पूरी सैलरी नहीं निकाल पाएंगे। हर हफ्तेे की विड्रॉल लिमिट 24 हजार रुपए है। यानी हर हफ्ते 24-24 हजार करके निकाल सकते हैं।

सरकार ने सैलरी के लिए आरबीआई और बैंकों को खास निर्देश दिए हैं। ऐसे बैंक जिनमें ज्यादा सैलरी और पेंशन अकाउंट हैं उन्हे 20-30 फीसदी ज्यादा कैश दिया जाएगा। इसके अलावा इन बैंकों में कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

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