जाकिर पर शिकंजा, ईडी ने जब्त की 18.37 करोड़ की संपत्ति, एनआईए ने भेजा समन

नई दिल्ली। इस्लामिक धर्म प्रचारक जाकिर नाइक पर कानूनी शिकंजा कस गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जाकिर नाइक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) की 18.37 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी। दूसरी ओर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नाइक को एक मामले में एनआईए के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया है। इस मामले में जाकिर नाइक के खिलाफ धर्म और नस्ल के आधार पर विभिन्न गुटों के बीच नफरत फैलाने का आरोप है।

ईडी ने सोमवार को नाइक के एनजीओ आईआरएफ के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग मामले में कार्रवाई की है। इससे पहले ईडी ने एनआईए द्वारा नवंबर 2016 में दर्ज की गई एफआईआर को आधार बनाते हुए मनी लॉंड्रिंग मामले में नाइक के एनजीओ के खिलाफ केस दर्ज किया था।

दूसरी ओर एनआईए ने भी समन जारी कर 51 वर्षीय जाकिर नाइक को 30 मार्च को नई दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। एनआईए ने इससे पहले समन जारी कर नाइक को 14 मार्च को उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन आत्म निर्वासन पर चल रहे नाइक हाजिर नहीं हुए थे।

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के मझगांव इलाके में स्थित नाइक के आवास ‘जैस्मिन अपार्टमेंट्स’ समन पहुंचाया दिया गया है।

पिछले वर्ष एक जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक पॉश रेस्तरां में हुए आतंकवादी हमले की जांच के दौरान नाइक पहली बार जांच के घेरे में आए थे। ढाका हमले में शामिल एक आतंकवादी कथित तौर पर नाइक के भाषणों से प्रेरित होकर आतंकवादी बना था।

एनआईए ने इसके बाद गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत धर्म और नस्ल के आधार पर नफरत फैलाने के लिए नाइक के खिलाफ मामला दर्ज किया था और नाइक के आवास, उनके टेलीविजन चैनल पीस टीवी के कार्यालय सहित दर्जनों ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके अलावा नाइक के गैर सरकारी संगठन के बैंक खाते भी सीज कर दिए गए।

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